EV Rally मानेसर पहुँची दुनिया की सबसे लंबी रैली, इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार
भारत महा ईवी रैली का ऐतिहासिक सफर

EV Rally गुरुग्राम, 17 दिसंबर 2025: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई दिशा देने वाली ‘भारत महा ईवी रैली’ ने आज एक और मील का पत्थर छू लिया है। दुनिया की सबसे लंबी ईवी रैली होने का गौरव प्राप्त करने वाली इस यात्रा ने सफलतापूर्वक 100 दिन पूरे कर लिए हैं। इस विशेष उपलब्धि पर रैली का हरियाणा के ICAT (इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी), मानेसर परिसर में जोरदार स्वागत किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी
ICAT पहुँचने पर रैली को मधुसूदन जोशी (DGM-टेक्निकल हेड), प्रशांत विजय (DGM-ऑपरेशंस), पवन ठाकुर (मीडिया हेड) और प्रीतम सिंह ने हरी झंडी दिखाकर अगले पड़ाव के लिए रवाना किया। इस दौरान संस्थान के अधिकारी और कर्मचारी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।


रैली की मुख्य उपलब्धियां और विस्तार
यह रैली केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने सीमाओं को पार करते हुए पड़ोसी देशों में भी अपनी धाक जमाई है:
भौगोलिक विस्तार: भारत के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों को कवर किया।
अंतरराष्ट्रीय पहुँच: भूटान और नेपाल की सड़कों पर भी इलेक्ट्रिक वाहनों का संदेश पहुँचाया।
प्रमुख समर्थन: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पीयूष गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित इस रैली को आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
भ्रांतियों को दूर कर जागरूकता फैलाना मुख्य लक्ष्य
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल एसोसिएशन (IFEVA) द्वारा आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य ईवी से जुड़ी शंकाओं को दूर करना है।
“हम यह सिद्ध करना चाहते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा के लिए भी पूरी तरह सक्षम और भरोसेमंद हैं।” — डॉ. राजीव मिश्रा (अध्यक्ष, IFEVA)
युवाओं और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी
रैली के दौरान देशभर के सैकड़ों IIT, IIM और NIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का दौरा किया गया। यहाँ टीम ने छात्रों और शिक्षकों से संवाद किया और उन्हें ईवी ड्राइव का प्रत्यक्ष अनुभव कराया, जिससे भविष्य की पीढ़ी में हरित ऊर्जा के प्रति उत्साह देखा गया।
नेतृत्व और भविष्य की दिशा
इस विशाल अभियान का नेतृत्व डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. शैलेन्द्र सरोज, श्रीनिवास कुमार येर्रापोथु और देवेश गर्ग जैसे विशेषज्ञों की टीम कर रही है। रैली के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत से मिले सुझावों का उपयोग भविष्य की ईवी नीतियों को बेहतर बनाने में किया जाएगा। यह पहल भारत की सतत और स्वच्छ परिवहन (Green Transport) के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।












